बुधवार, 23 नवंबर 2011

लालच


आज के सारे अख़बारों और न्यूज़ चेनल्स पर ये खबर आ रही है की गोल्ड सुख नाम की कंपनी लोगों को 300 करोड़ का चूना लगा गयी और अब उसके निदेशक और अध्यक्ष फरार है, लोगो के खून पसीने की कमाई ले कर भाग छूटे हैं.
 मैं पूछता हूँ क्या जरुरत पड़ी लोगों को ऐसी कंपनियों में निवेश करने की जब की सरकार ने दुनिया भर के राष्ट्रीयकृत बैंक खोल रखे है ,भारतीय जीवन बीमा निगम और इनके अलावा भी कई सार्वजानिक क्षेत्र की कम्पनियाँ है जहा व्यक्ति सुरक्षित निवेश कर सकता है .लेकिन फिर भी लोग ज्यादा ब्याज और मुनाफे के लालच में ऐसी कंपनियों के जाल में उलझ जाते है . वो ये भी नहीं सोचते हैं की इतना अधिक ब्याज या रिटर्न ये कंपनी कैसे देगी ....शायद हिंदुस्तान में कोई भी धंधा ऐसा नहीं है जिसमे एक लाख बीस हजार रुपयों से तीन साल या पांच साल में एक करोड़ अठेन्तर लाख रुपये कमाए जा सकते हो, लेकिन उस वक़्त तो आदमी की आँखों पर लालच की पट्टी बांध जाती है और वो सपनो की दुनिया में सैर करने लगता है .
राजस्थान में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है ,पहले भी जे वि जी फाइनेंस ,एम्फोर्ट  अग्रो फाइनेंस और भी कई ऐसी ही कम्पनिया बिलकुल ऐसे ही लालच देकर लोगो को लूट चुकी है लेकिन कोई उस से सबक नहीं लेता .
अब पुलिस के माथे ठीकरा फोड़ रहे हैं की पुलिस ने उनको रोका नहीं या एक साल पहले कोई कार्रवाही नहीं की,लेकिन ये भी तो सोचो की पुलिस ने तुम्हे थोड़े ही कहा था की तुम इस कंपनी में बेधड़क निवेश करो...... ये सब किया तो तुमने अपने लालच के चलते है .
खैर जिसका पैसा डूबता है उसको आघात तो लगता ही है .
भगवान् करे की राजस्थान पुलिस में ऐसी जादुई शक्ति आ जाये की वो जल्दी से जल्दी उन धोखेबाज लोगो को पकड़ कर लोगों को उनका पैसा वापस दिलाये. क्यों की पुलिस इतनी तो सक्षम है ही की ऐसे अपराधियों को ढूंढ निकाल सकती है ,भंवरी देवी की बात और थी..................
एक नेता  पुत्र  के हत्यारे को पुलिस एक सप्ताह में पकड़ लायी थी जब की वो हरिद्वार में साधु बन बैठा था इसलिए मुझे पुलिस की कार्यक्षमता पर पूरा विश्वास है यदि वो कार्य करना चाहे तो......

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें