मंगलवार, 22 नवंबर 2011

मैनेजमेंट

पुराने ज़माने में हर घर परिवार ,गली मोहल्ले  में ऐसे लोग मौजूद थे जो की किसी भी शादी ब्याह गौना, मोसर कथा भागवत इत्यादि के आयोजन से सम्बंधित सभी व्यवस्थाओं में माहिर थे उन्ही की राय मशविरे से ऐसे सभी काम होते थे. समय के साथ साथ ऐसे लोगों की जगह इवेंट मेनेजर होने लगे और आज तो हर काम ,हर व्यक्ति को मैनेज करने का ज़माना आ गया है. हर जगह मेनेजर या मैनेजमेंट की धूम मची हुई है. हमारे देश में बहुत सारे मैनेजमेंट गुरु भी बन बैठे और इस धंधे में उन्होंने करोड़ों रुपये की गुरु दक्षिणा भी कमा ली.धीरे धीरे पोलिटिकल मैनेजमेंट ,मीडिया मैनेजमेंट, जैसी चीजे भी अस्तित्व में आ गयी .
          हमारे माननीय मुख्यमंत्री जी भी मेरी नजर में एक अच्छे मैनेजमेंट गुरु या मेनेजर है.पिछले दिनों राजस्थान में  तेजी से चले राजनितिक घटनाक्रम में मुख्यमंत्री जी की मैनेजमेंट की क्षमता सामने आई. कयास लगाए जा रहे थे की प्रदेश की एक कद्दावर राजनितिक जाती ने गहलोत जी की तरफ भ्रकुटि तान रखी है लेकिन मान गए भाई गहलोत जी के " देहली मैनेजमेंट" को  .....चाहे उनको लगातार लगभग हर दिन  दिल्ली जाना और आना पड़ा लेकिन उन्होंने ये साबित कर दिया की देहली  मैनेजमेंट में वो माहिर है  और सरकार को "भंवर" से निकालने के लिए ऐसा दांव चलाया की हींग लगी न फिटकरी जिस काम को करने के लिए कई बहाने ढूँढने पड़ते है उसी काम को दूसरो की बन्दूक में गोली डालकर पूरे मंत्रिमंडल को री -शफल कर दिया और किसी से ज्यादा दुश्मनी भी नहीं हुई. अपने बडबोले मास्टर जी को भी कुर्सी से हटा दिया और वापस उसी क्षेत्र की बहु को गद्दी देकर उस वर्ग को नाराज़ भी नहीं किया. कद्दावर राजनितिक जाती के दो जवान-मर्दों की छुट्टी भी कर दी लेकिन वापस तीन सिपहसलार उन्ही में से अपने विश्वस्त लोगो को बनाकर अपना हाथ और मजबूत कर लिया. इसी तरह गहलोत मीडिया मैनेजमेंट के भी माहिर है. मुझे नहीं याद  की कोई भी अखबार या खबरिया चेन्नल उनको बुरा बताये ....पता नहीं राजस्थान के मीडिया को उनसे क्या लगाव है उनकी तारीफ़ और सरकार की उपलब्धियों के बखान के अलावा और कुछ लिखने या दिखाने के लिए जैसे वक़्त या स्याही ही नहीं बचती है . एक चैनल तो पूरे दिन जनता को राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं और मुख्यमंत्री जी के गुणगान करता थकता ही  नहीं है, गहलोत जहाँ भी दौरा करने जाते है वहां उनकी ओ बी वन पहले से तैनात मिलती है ,और हो भी क्यों नहीं उनके चैनल पर दिन भर डी ए वि पि की मेहरबानी भी तो रहती है.  ...खैर जो भी हो गहलोत जी मैनेजमेंट के तो माहिर है ही. 

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